क्या प्रेगनेंसी में गर्म पानी पीना अच्छा है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:26

गर्भावस्‍था का समय बहुत नाजुक होता है क्‍योंकि इस समय आपकी जिम्‍मेदारी बढ़ जाती है। अब आपको बस अपनी ही नहीं बल्कि अपने बच्‍चे की सेहत का भी ख्‍याल रखना होता है। इन नौ महीनों में आप जो कुछ भी खाती और पीती हैं, उसका सीधा असर शिशु पर भी पड़ता है।

प्रेग्‍नेंसी में पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी होता है क्‍योंकि इससे शरीर हाइड्रेट रहता है, शरीर की सफाई होती है और बॉडी को एनर्जी भी मिलती है। यही वजह है कि प्रेग्‍नेंसी में महिलाओं को ज्‍यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है क्‍योंकि इससे गर्भस्‍थ शिशु के विकास में मदद मिलती है।


कुछ महिलाएं गर्भावस्‍था में गर्म पानी पीती हैं और इस बात पर गौर तक नहीं करती कि प्रेग्‍नेंसी में गर्म पानी पीना चाहिए या नहीं। आगे हम इसी बात पर चर्चा करने वाले हैं कि प्रेग्‍नेंसी में गर्म पानी पीना कितना सुरक्षित होता है।
​प्रेग्‍नेंसी में गर्म पानी पीने के फायदे

गर्भावस्‍था में हल्‍का गर्म या गुनगुना पानी पीने से मां और बच्‍चे दोनों की सेहत को कई तरह के लाभ मिलते हैं, जैसे कि :

गुनगुने पानी से शरीर डिटॉक्‍स होता है जिससे मॉर्निंग सिकनेस, सीने में जलन को कम करने में मदद मिलती है। इस तरह यह शरीर को ठीक तरह से काम करने में सहायता करता है।
गुनगुने पानी से पेट साफ रहता है और पाचन भी ठीक होता है। इससे प्रेग्‍नेंसी में होने वाली कब्‍ज और एसिडिटी से बचाव होता है।
गुनगुना पानी शरीर में खून के प्रवाह को सुधारने में मदद करता है। रोज एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीने से स्‍टैमिना बढ़ता है और एनर्जी लेवल में भी इजाफा होता है। इससे प्रेग्‍नेंसी में होने वाली थकान भी दूर होती है।
गुनगुने पानी में कई गुण होते हैं और प्रेग्‍नेंसी में इसके गुणों का फायदा आपको भी उठाना चाहिए। गर्भावस्‍था में इम्‍यूनिटी कमजोर हो जाती है और गुनगुना पानी सर्दी-जुकाम और फ्लू को दूर करता है और मां एवं बच्‍चे दोनों की ब्रोंकाइल हेल्‍थ को ठीक रखता है।


​इस बात का रखें ध्‍यान

प्रेग्‍नेंसी में सिर्फ गुनगुना पानी पीना ही सुरक्षित रहता है। इस समय आपको बिल्‍कुल भी गर्म पानी नहीं पीना चाहिए। नल से सीधे आने वाले गर्म पानी में लीड और उच्‍च मात्रा में मिनरल हो सकते हैं जो मां और बच्‍चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

लीड और मिनरल की वजह से शिशु का मानसिक और शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है और उसके फेफड़ों, मस्तिष्‍क, लिवर, नर्वस सिस्‍टम, किडनी और लाल रक्‍त कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। पानी हमेशा फिल्‍टर और उबला हुआ ही पीना चाहिए क्‍योंकि इससे लीड और अनचाहे खनिज पदार्थ नष्‍ट हो जाते हैं।


​प्रेग्‍नेंसी में क्‍यों जरूरी है हाइड्रेट रहना

गर्भावस्‍था के दौरान डिहाइड्रेशन और थकान आम समस्‍याएं हैं। पानी की कमी की वजह से मतली, चक्‍कर आना, ऐंठन और सूजन की शिकायत हो सकती है। प्रेग्‍नेंसी की तीसरी तिमाही में खासतौर पर शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी होता है। इस समय पानी की कमी के कारण कॉन्‍ट्रैक्‍शन उठ सकते हैं और प्रीटर्म लेबर हो सकता है। इस वजह से प्रेगनेंट महिलाओं को पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीना चाहिए। रोज पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीने से मूत्र मार्ग में संक्रमण नहीं होता है और मूत्राशय साफ भी रहता है।

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